dear freinds,
I am glad that I have this place where the future appears bright
thanking you
| मैं नहीं जानता शास्त्रीय गायन को और नहीं मुझे गाने का कुछ ज्ञान भी हैं, फिरभी जब कोई गीत स्वयं के लिए अधरों से छलकने लगता हैं तब जैसे वो संगीत बन जाता हैं ! फिरभी कभी कभी मेरे भीतर कुछ अजीबो गरीब सिहरी महसूस होने लगती हैं ! क्या बात हैं ! मैं गुमनाम हूँ ! पर जो कुछ भी होरहा हैं बस सब उसकी मर्जी है ! मैं तो ये कहूँगा "मर्जी हैं जिसमे तेरी , जिसमे तेरी रज़ा हैं" धन्यवाद् |